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कवर्धा में पुलिस अभ्यर्थियों का हंगामा, गृह मंत्री से बहस के बाद घेरा कार्यालय ।


(रवि ग्वाल) कवर्धा-छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती की सेकंड लिस्ट और 1600 रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर तीन दिनों से चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन अब उग्र होता दिखाई दे रहा है। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों से मिलने पहुंचे उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के साथ अभ्यर्थियों की बातचीत के दौरान बहस हो गई। इसके बाद गृह मंत्री वार्तालाप के बीच से ही निकल गए।



गृह मंत्री के जाने के बाद बड़ी संख्या में आक्रोशित अभ्यर्थियों ने गृह मंत्री विजय शर्मा के कार्यालय को घेर लिया। अभ्यर्थी कार्यालय के गेट के सामने बैठकर और लेटकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मौके पर लगातार नारेबाजी और हंगामा जारी है।


अभ्यर्थियों की दो टूक-अब मुख्यमंत्री आएं कवर्धा



आंदोलनकारी अभ्यर्थियों की मुख्यमंत्री से मिलने की जिद्द पर बहस, आंदोलनकारियों की मांग मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं कवर्धा आएं और अभ्यर्थियों से चर्चा करें। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक मुख्यमंत्री उनसे सीधे बातचीत नहीं करते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


कार्यालय के अंदर फंसे वाहन और कार्यकर्ता


हंगामे के बीच गृह मंत्री विजय शर्मा का वाहन सहित कई कार्यकर्ता कार्यालय के अंदर ही फंस गए। स्थिति को देखते हुए गृह मंत्री को अन्य वाहन से कार्यालय से अपने घर जाना पड़ा। इसके बाद भी अभ्यर्थी कार्यालय के गेट पर डटे हुए हैं।


बाजे-गाजे के साथ गेट पर डटे अभ्यर्थी


आंदोलनकारी अभ्यर्थी बाजे-गाजे और नारेबाजी के साथ गृह मंत्री के कार्यालय के गेट पर विरोध कर रहे हैं। कई अभ्यर्थी गेट के सामने लेटकर प्रदर्शन कर रहे हैं और सेकंड लिस्ट जारी करने की मांग पर अड़े हुए हैं।


पुलिस आरक्षक भर्ती में रिक्त पदों को भरने की मांग से शुरू हुआ यह आंदोलन अब गृह मंत्री के कार्यालय के घेराव और मुख्यमंत्री से सीधे संवाद की मांग तक पहुंच गया है। कवर्धा में जारी इस हाई-वोल्टेज प्रदर्शन पर अब सरकार की अगली कार्रवाई और मुख्यमंत्री की क्या प्रतिक्रिया होगी देखने वाली बात है ।


विजय शर्मा,,उप मुख्यमंत्री, गृहमंत्री छत्तीसगढ़


उप मुख्यमंत्री का कहना है कि मैंने कैबिनेट में विषय रखा है मुख्यमंत्री जी से भी चर्चा किया है लेकिन अभ्यर्थी इस तरह जिद्द पकड़कर बैठेंगे तो समस्या है । एक वेटिंग लिस्ट जारी हो चुका है दूसरा वेटिंग लिस्ट भी जारी हो लिखकर राज्य सरकार में बात रख चुका हूं लेकिन अंतिम निर्णय तो केबिनेट का है मुख्यमंत्री ने समिति भी बनाया है । मैने अभियर्थियों से कहा भी की 10-15 की टीम बना लो और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर लेते है लेकिन हो सकता है कि राजनीतिक प्रेरित हो ऐसे में क्या कर सकते हैं । आंदोलन हड़ताल करने का विषय ही नही है । फिर भी मैं हर विषय को सुनने और बातचीत के लिए तैयार हूं ।

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