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राहुल गांधी की याचिका ख़ारिज करने के विरोध में कांग्रेस का केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन




राहुल गांधी की याचिका ख़ारिज करने के विरोध में कांग्रेस का केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन।


कवर्धा:- गुजरात हाईकोर्ट ने 'मोदी सरनेम' पर टिप्पणी के खिलाफ मानहानि मामले में राहुल गांधी को राहत नहीं दी है। कोर्ट ने राहुल की सजा पर रोक लगाने से इनकार करते हुए सत्र न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा। फैसला आने के बाद कबीरधाम में कांग्रेसियों ने बाल उद्यान कवर्धा में गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शांतिपूर्ण तरीके से स्थानीय कांग्रेस कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया।

जिला कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी कृष्णा कुमार नामदेव ने बताया कि शुक्रवार को जनपद कार्यालय कवर्धा के सामने बाल उद्यान में छत्तीसगढ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मोहन मरकाम, एवं कवर्धा विधायक एवं कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देश पर, छत्तीसगढ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं कबीरधाम संगठन प्रभारी थानेश्वर पाटिला के सहमति से जिला कांग्रेस कमेटी कबीरधाम के अध्यक्ष नीलू चंद्रवंशी के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार की सुनियोजित साजिश बताकर राहुल गांधी को फंसाने का आरोप लगाया। एवं अपने आदर्श सत्य एवं अहिंसा के पुजारी (महात्मा गांधी) बापू जी के मार्ग पर चलकर उनके मूर्ति पर माल्यार्पण कर शांतिपूर्वक केंद्र सरकार के साजिश एवं हिटलर शाही शासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

जिलाध्यक्ष नीलू चंद्रवंशी ने बताया भाजपाइयों ने महात्मा गांधी के खिलाफ टिप्पणियां की, कांग्रेस नेताओं के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया लेकिन किसी भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 'मोदी सरनेम' पर बयान दिया था। जिसमें कुछ भी गलत नहीं था लेकिन गुजरात में बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी की ओर से दायर मामले में सूरत की मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अदालत ने 23 मार्च को राहुल गांधी को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 499 और 500 (आपराधिक मानहानि) के तहत दोषी ठहराते हुए दो साल जेल की सजा सुनाई थी।

इसके बाद 24 मार्च को राहुल गांधी की सदस्यता रद्द हो गई। 27 मार्च को सरकारी बंगला छोड़ने का नोटिस मिला। 22 अप्रैल को राहुल गांधी ने बंगला खाली कर दिया। सूरत सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ राहुल गांधी ने गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, मगर राहत नहीं मिली। इसके बाद हाईकोर्ट से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की लेकिन कुछ नहीं। अब सुप्रीम कोर्ट में अपील की जाएगी। हम कानून का सम्मान करते हैं और निश्चित राहुल गांधी को न्याय मिलेगा।

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