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छ.ग.-एडीजीपी एवं आईजी गुप्तवार्ता इंस्पेक्टर (विशेष शाखा) पद पर प्रमोशन मामले का निराकरण करें-हाईकोट

बिलासपुर-ग्राम एवं पोस्ट-घरमपुरा, पुलिस थाना-पिपरिया, जिला-कबीरधाम,निवासी अंशुमन सिंह राजपूत की वर्ष 2013 में सब इंसपेक्टर (विशेष शाखा) के पद पर नियुक्ति हुई थी। लगभग 07 (सात) वर्ष की सेवा पूर्ण होने के पश्चात् भी उनका इंसपेक्टर (विशेष शाखा) के पद पर प्रमोशन ना किये जाने से क्षुब्ध होकर अंशुमन सिंह राजपूत द्वारा हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं दीपिका सन्नाट के माध्यम से हाईकोर्ट बिलासपुर के समक्ष रिट याचिका दायर कर प्रमोशन की मांग की गई।

अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं दीपिका सन्नाट द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि छत्तीसगढ़ पुलिस सेवा भर्ती नियम 2006 के तहत् उप निरीक्षक (विशेष शाखा) के पद पर प्रमोशन हेतु उक्त पद पर 08 (आठ) वर्ष की सेवा पूर्ण होना आवश्यक है, परंतु छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग, रायपुर द्वारा दिनांक 03.06.2015 को जारी सर्कुलर के पैरा 1.8 के तहत् यदि किसी शासकीय अधिकारी/कर्मचारी द्वारा अनुसूचित/नक्सली जिले में चार वर्ष की सेवा दी गई है तो उसे पदोन्नति/प्रमोशन में 01 (एक) वर्ष की छूट दी जायेगी, चूंकि याचिकाकर्ता द्वारा लगातार 07 (सात) वर्षों तक अनुसूचित जिला-कोरिया एवं सरगुजा में सेवा दी गई अतः वह इंसपेक्टर (विशेष शाखा) के पद पर प्रमोशन का पात्र है।


उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा उक्त रिट याचिका की सुनवाई के पश्चात् रिट याचिका को स्वीकार कर छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दी जाने वाली 01 (एक) वर्ष की छूट के आधार पर याचिकाकर्ता का सब-इंसपेक्टर (विशेष शाखा) से इंसपेक्टर (विशेष शाखा) के पद पर प्रमोशन हेतु अभ्यावेदन के निराकरण का आदेश अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी). गुप्तवार्ता एवं पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) गुप्तवार्ता को दिया गया।

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