जिम्मेदार अधिकारी जानकर भी साध रखी है चुप्पी,कोलाहल अधिनियम की जमकर उड़ा रहे धज्जियां

जिम्मेदार अधिकारी जानकर भी साध रखी है चुप्पी,कोलाहल अधिनियम की जमकर उड़ा रहे धज्जियां।
कवर्धा/सरस मेले में संगीत का लुप्त उठाने के चक्कर में छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा-04 तथा ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नही छोड़ रहे है, जिले के जिम्मेदार अधिकारी भी जानकार भी अनजान बने बैठे है, साथ ही नेता अधिकारी कर्मचारी अपने परिजन व चहेतो के साथ सरस मेले में संगीत का लुत्फ उठाने के चक्कर में 10 वीं 12 वीं के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
दस दिवसीय सरस मेले का किया जा रहा आयोजन, मेले स्थल के समीप छात्रावास हो रहे संचालित।
पंचायत ग्रामीण विकास व जिला पंचायत के द्वारा कवर्धा नगर स्थित PG कॉलेज ग्राउंड में विगत 6 फरवरी से क्षेत्रीय सरस मेला आयोजन किया जा रहा है। आयोजित स्थल से लगे दो सौ मीटर के दूरी में लगभग 3 से 4 छात्रावास संचालित है जिसमें रहने वाले बच्चों की बोर्ड परीक्षा का समय है, खासकर 10वीं और 12वीं बोर्ड के विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं ऐसे में सरस मेले का शोरगुल थमने का नाम नहीं ले रहा, जिसके चलते बच्चों के बोर्ड परीक्षा का नईयां डूबती नजर आ रही है।
बोर्ड परीक्षा के समय अधिकारी निकालते है तरह तरह का आदेश, अब साध रखी है चुप्पी
विद्यार्थियों की परीक्षा को ध्यान में रखते हुवे छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन तरह - तरह आदेश निकलते है पर इस सरस में मेले शाम होते ही तेज आवाज के साथ कार्यक्रम किया जा रहा बावजूद जिले के जिम्मेदार अधिकारी लुफ्त उठाते हुवे छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा-04 तथा ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 की धज्जियां में कोई कसर नही छोड़ रहे है मानो ऐसा प्रतीत होता है जैसे कि जब सैयां भये मुखिया तो डर काहे का।





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